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  1. Nine Marks of a Healthy Church ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  2. मुख्य पृष्ठ ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  3. परमेश्वर के द्वारा सम्भाले गए ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  4. यूसुफ और परमेश्वर के पुत्र का बेचा जाना ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  5. सेनाओं का यहोवा , पवित्र , पवित्र , पवित्र है! ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  6. पूर्वनिर्धारित, मसीह के स्वरूप में बनाए गए ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  7. परमेश्वर हमारे निमित्त है या कि स्वयं के निमित्त ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  8. परमेश्वर ने भक्तिहीनों को धर्मी ठहराया ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  9. परमेश्वर हमें सुसमाचार के द्वारा स्थिर/मजबुत करता है ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  10. सनातन सुरक्षा एक सामुदायिक परियोजना है ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  11. ¬आदम का प्राणघातक आज्ञाउल्लंघन और मसीह का विजयी आज्ञापालन ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  12. यीशु क्यों मारा गया और जिलाया गया ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  13. सेवकाई के रुप में आपका पेशा ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  14. एक दूसरे के हाथों को परमेश्वर में मजबूत करो ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  15. नर और नारी करके ‘उस’ ने परमेश्वर के स्वरूप के अनुसार उनकी सृष्टि की ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  16. दुःख उठाने और आनन्दित होने के लिए बुलाये गए: ताकि हम मसीह को प्राप्त करें ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  17. दुःख उठाने और आनन्दित होने के लिए बुलाये गए: मसीह के क्लेशों का लक्ष्य पूरा करने के लिए ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  18. दुःख उठाने और आनन्दित होने के लिए बुलाये गए: एक महत्वपूर्ण और सनातन महिमा के लिए ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  19. परमेश्वर के आधिपत्य के लिए धुन, भाग-1 ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  20. परमेश्वर के आधिपत्य के लिए धुन, भाग 2 ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  21. बपतिस्मा क्या चित्रित करता है ? ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  22. आओ हम निन्दा उठाये हुए यीशु के साथ निकल चलें ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  23. मेरी आँखें खोल दे कि मैं देख सकूँ ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  24. तेरे वचन से अद्भुत बातें ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  25. ‘उसके’ पुत्र से सम्बन्धित, परमेश्वर का समाचार ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  26. केवल क्रूस में घमण्ड करना ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  27. प्रार्थना में अर्पित रहो ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  28. खोज:आनन्द! पाया:मसीह! ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  29. परमेश्वर की इच्छा क्या है और हम इसे कैसे जानें ? ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  30. प्रभु - भोज का हम क्यों व कैसे उत्सव मनाते हैं ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  31. अपने पिता से जो स्वर्ग में है, मांगो ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  32. विवाह: परमेश्वर के, वाचा-पालन करनेवाले अनुग्रह का प्रर्दशन-मंजूषा ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  33. नये स्वर्गां और नयी पृथ्वी में सुसमाचार की विजय ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  34. नया जन्म में क्या होता है (भाग-1) ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  35. नया जन्म में क्या होता है ? (भाग-2) ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  36. हमने उसकी महिमा देखी, अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)
  37. बदतर समयों में आशा के साथ लालन-पालन ‎(००:००, १ जनवरी १९७०)

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